Saturday, February 26, 2011

अरमान

अय रब मेहरबान, तू एक फरमान दे मुझे,
जीने के लिए एक अरमान दे मुझे,

अय रब मेहरबान, तू एक बागबान दे मुझे,
उड़ने क लिए एक आसमान दे मुझे,

अय रब मेहरबान, तू एक जहां दे मुझे,
मंजिल पाने के लिए एक पहचान दे मुझे,

अय रब मेहरबान, तू एक मेहमां दे मुझे,
तुजसे मिलने के लिए एक ईमान दे मुझे|

- समीर